अयोध्या से PM मोदी के 5 बड़े संदेश: भगवान राम से लेकर मैकाले तक का उल्लेख

Chandan Bhandari
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1. 500 साल बाद विरासत का पुनर्जन्म

अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण को पीएम मोदी ने युगांतकारी क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन सदियों की आध्यात्मिक यात्रा का समापन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। मोदी के अनुसार राम मंदिर की धर्मध्वजा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि 500 साल पुराने संघर्ष, दर्द और धैर्य की पूर्णता का प्रतीक है।

2. भगवान राम को बताया विकसित भारत का मार्गदर्शक

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो हर भारतीय को अपने भीतर ‘राम’ के आदर्शों को जगाना होगा। उन्होंने राम को मर्यादा, सत्य, वीरता, करुणा, न्याय और लोककल्याण का प्रतीक बताया। पीएम मोदी के अनुसार राम कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन की दिशा और भारत की प्रगतिशील सोच के प्रेरक हैं।

3. गुलामी मानसिकता से मुक्ति का संदेश

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने औपनिवेशिक मानसिकता को भारत की प्रगति में बाधा बताया। उन्होंने 1835 में मैकाले द्वारा भारतीय समाज की जड़ों को कमजोर करने के प्रयास का उल्लेख किया और कहा कि देश को आगे बढ़ना है तो हीन भावना और गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह बाहर आना होगा।
मोदी ने कहा कि आज राम मंदिर परिसर में भारत अपनी स्मृति, अस्मिता और गौरव का पुनर्जागरण कर रहा है। साथ ही यह भी कहा कि लोकतंत्र भारत की मिट्टी में रचा-बसा है, यह किसी विदेशी व्यवस्था की देन नहीं।

4. भविष्य के भारत का मॉडल बनेगी अयोध्या

प्रधानमंत्री ने अयोध्या को आने वाली सदी के भारत का मॉडल बताया। राम की जन्मभूमि को उन्होंने पौराणिकता और आधुनिकता का संगम कहा। मोदी ने बताया कि अयोध्या में नए मंदिर परिसर से लेकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और आधुनिक ट्रेनों तक—शहर तेजी से विकसित हो रहा है।
उनके अनुसार, त्रेता युग की अयोध्या ने दुनिया को नीति दी थी और 21वीं सदी की अयोध्या दुनिया को विकास का नया मॉडल देगी।

5. राष्ट्र की एकता और सामूहिक शक्ति की अपील

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना सामूहिक शक्ति से ही पूरा होगा। उन्होंने अयोध्या में बने सप्त मंदिरों, माता शबरी मंदिर और निषादराज मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की विविधता, समरसता और एकता के प्रतीक हैं।
मोदी ने राम के रथ के रूपक से समझाया कि 2047 के भारत के रथ को सत्य, साहस, सदाचार, अनुशासन, बुद्धि और लोककल्याण की शक्ति से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र सर्वोपरि बनता है, तभी रामराज्य का आदर्श साकार होता है।

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