अनंतनाग में CRPF का बड़ा सर्च ऑपरेशन: आतंकियों के पुराने ठिकाने का मिला सुराग ?

Chandan Bhandari
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जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। वैल नागबल क्षेत्र में सीआरपीएफ को आतंकियों के एक पुराने और लंबे समय से छिपाए गए ठिकाने का पता चला है। यहां से कई ऐसे सामान बरामद हुए हैं, जो साफ दिखाते हैं कि इस जगह का उपयोग आतंकी गतिविधियों और रहने के लिए किया जाता था।

ठिकाने से क्या-क्या मिला?

तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को कई संवेदनशील और उपयोगी सामान मिले हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • खाने-पीने के पैकेट

  • खाना पकाने के बर्तन

  • सीरिंज और ग्लव्स

  • एक बैकपैक

  • प्लास्टिक शीट

  • प्रार्थना की चटाई

  • अन्य दैनिक उपयोग की चीजें

ये सभी वस्तुएं संकेत देती हैं कि आतंकी लंबे समय तक यहां रुके रहे और इस स्थान का इस्तेमाल प्लानिंग और छिपने के लिए कर रहे थे।

CRPF की 96वीं बटालियन ने संभाला मोर्चा

इस ऑपरेशन को CRPF की 96वीं बटालियन ने अंजाम दिया।
सोमवार से शुरू हुई तलाशी में सीआरपीएफ टीम ने इलाके के हर उस कोने को खंगाला, जहां आतंकियों के छिपने की संभावना थी।

पूरी घाटी में लगातार संदिग्ध इलाकों में सर्च ऑपरेशन्स चलाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

अनंतनाग में लगातार छापेमारी जारी

सिर्फ इस ठिकाने पर ही नहीं, बल्कि अनंतनाग में बीते कुछ दिनों से कई जगहों पर छापेमारी हो रही है।
व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल की जांच के सिलसिले में काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने 15-16 नवंबर की रात एक डॉक्टर के घर पर छापा मारा था।

  • यह डॉक्टर मलखनाग इलाके में रहता है

  • उसके घर में हरियाणा की एक महिला डॉक्टर किरायेदार थी

  • जांच दल ने वहां से एक मोबाइल फोन बरामद किया है

  • फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है

यह कार्रवाई साफ तौर पर इस बात की ओर इशारा करती है कि आतंकियों की मदद करने वाले व्हाइट कॉलर नेटवर्क को भी सुरक्षा एजेंसियां जड़ से उखाड़ने में जुटी हैं।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद बढ़ी सख्ती

10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत के बाद,
देशभर में आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

इसी घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने—

  • कश्मीर

  • दिल्ली

  • हरियाणा

  • पंजाब

  • और सीमा से जुड़े कई इलाकों

में लगातार छापेमारी बढ़ा दी है।

अनंतनाग का यह ऑपरेशन भी उसी सतर्कता का हिस्सा माना जा रहा है।

क्यों अहम है यह रिकवरी?

  • यह ठिकाना आतंकियों के हालिया मूवमेंट का प्रमाण है

  • बरामद सामान बताता है कि इलाके में गतिविधियां अभी भी सक्रिय थीं

  • यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए आगे की इन्वेस्टिगेशन में बड़ा सुराग साबित हो सकता है

  • इससे नेटवर्क को ट्रैक करने में आसानी होगी

  • दिल्ली ब्लास्ट के बाद इसका मिलना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है
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