विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में क्रिकेट फैंस को वह नज़ारा देखने को मिला, जिसका लंबे समय से इंतजार था। करीब 15 साल बाद इस टूर्नामेंट में लौटे विराट कोहली ने ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन किया कि मैच पूरी तरह उनके नाम हो गया। आंध्र प्रदेश के खिलाफ 299 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने 131 रनों की शानदार पारी खेली और दिल्ली को चार विकेट से यादगार जीत दिलाई। इस मुकाबले में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन अंत में कोहली का अनुभव और क्लास दिल्ली के काम आया।
आंध्र प्रदेश की मजबूत बल्लेबाजी
टॉस जीतकर दिल्ली ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। शुरुआत में दिल्ली के गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन-लेंथ से आंध्र प्रदेश के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। हालांकि, शुरुआती झटकों के बाद रिकी भुई ने पारी को संभालते हुए आंध्र प्रदेश की बल्लेबाजी की रीढ़ की तरह काम किया।
रिकी भुई ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 105 गेंदों पर 122 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उनकी इस पारी में टाइमिंग और शॉट सिलेक्शन कमाल का रहा, जिससे आंध्र प्रदेश एक मजबूत स्कोर की ओर बढ़ता दिखा।
दिल्ली के गेंदबाजों की जोरदार वापसी
मध्य ओवरों में दिल्ली के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। सिमरजीत सिंह ने घातक गेंदबाजी करते हुए आंध्र प्रदेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने पांच विकेट झटककर विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।
उनके अलावा प्रिंस यादव ने भी बेहतरीन सपोर्ट दिया और तीन महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इन दोनों गेंदबाजों की बदौलत आंध्र प्रदेश की टीम 50 ओवर में 8 विकेट पर 298 रन ही बना सकी।
299 रनों के लक्ष्य का पीछा
299 रनों का लक्ष्य किसी भी वनडे मुकाबले में आसान नहीं होता, लेकिन दिल्ली के बल्लेबाजों ने आक्रामक इरादों के साथ मैदान पर कदम रखा। हालांकि, शुरुआत दिल्ली के लिए अच्छी नहीं रही और टीम ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवा दिए।
पहले ही ओवरों में अर्पित राणा का बिना खाता खोले आउट होना दिल्ली के लिए झटका था। इसके बाद मैदान पर उतरे विराट कोहली, जिनसे हर किसी को बड़ी पारी की उम्मीद थी।
विराट कोहली का क्लासिक अंदाज
क्रीज पर आते ही विराट कोहली पूरी तरह से अलग ही लय में नजर आए। शुरुआती कुछ गेंदों में उन्होंने स्ट्राइक रोटेट की और फिर धीरे-धीरे बड़े शॉट्स खेलने शुरू किए।
महज 40 गेंदों में उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद आंध्र प्रदेश के गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी हो गए। चौकों और छक्कों की बरसात के बीच कोहली ने दिखा दिया कि अनुभव और तकनीक आज भी उन्हें खास बनाती है।
प्रियांश आर्या की तूफानी पारी
कोहली के साथ-साथ प्रियांश आर्या ने भी दिल्ली की पारी को मजबूती दी। उन्होंने मात्र 44 गेंदों में 74 रन ठोक दिए। उनकी पारी में आक्रामकता साफ नजर आई और वह तेजी से शतक की ओर बढ़ते दिख रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वह आउट हो गए।
प्रियांश की इस पारी ने दिल्ली को रन चेज में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और दबाव पूरी तरह आंध्र प्रदेश पर आ गया।
नीतीश राणा का अहम योगदान
प्रियांश के आउट होने के बाद नीतीश राणा ने विराट कोहली का बेहतरीन साथ निभाया। नीतीश ने 55 गेंदों में 77 रन बनाए, जिसमें सात चौके और एक छक्का शामिल था।
कोहली और नीतीश की साझेदारी ने दिल्ली को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया। दोनों ने आक्रामक शॉट्स के साथ-साथ समझदारी भरी बल्लेबाजी भी की, जिससे रन रेट लगातार दिल्ली के पक्ष में बना रहा।
विराट कोहली की ऐतिहासिक सेंचुरी
15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए विराट कोहली ने 83 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह शतक सिर्फ रनों का आंकड़ा नहीं था, बल्कि एक शानदार कमबैक की कहानी भी थी।
कोहली ने अपनी पारी में क्लासिक कवर ड्राइव से लेकर दमदार पुल शॉट तक, हर तरह के शॉट्स खेले। उन्होंने 131 रन की पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि बड़े मंच के खिलाड़ी बड़े मौकों पर ही चमकते हैं।
अंत में आए कुछ झटके
मैच लगभग दिल्ली की पकड़ में था, लेकिन अचानक टीम ने कुछ विकेट गंवा दिए। कप्तान ऋषभ पंत और आयुष बदोनी जल्दी आउट हो गए, जिससे थोड़ी देर के लिए मुकाबला रोमांचक हो गया।
हालांकि, कोहली के आउट होने तक दिल्ली जीत की दहलीज पर खड़ी थी और बाकी बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया।
दिल्ली की यादगार जीत
आखिरकार दिल्ली ने 37.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 299 रन बना लिए और मुकाबला चार विकेट से अपने नाम कर लिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।
इस मैच में जहां एक ओर सिमरजीत सिंह की गेंदबाजी और रिकी भुई की शतकीय पारी चर्चा में रही, वहीं विराट कोहली की 131 रनों की पारी इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी बन गई।
निष्कर्ष
Delhi vs Andhra Pradesh Vijay Hazare Trophy 2025 का यह मुकाबला लंबे समय तक याद रखा जाएगा। विराट कोहली ने अपने अनुभव, फिटनेस और क्लास से यह साबित कर दिया कि वह आज भी घरेलू क्रिकेट में किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं।
दिल्ली की यह जीत टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी, जबकि आंध्र प्रदेश को अपनी गेंदबाजी और डेथ ओवर्स की रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच रोमांच, क्लास और कमबैक की एक बेहतरीन मिसाल बनकर सामने आया।
